पानीपत: हरियाणवी गायक हर्षिता दहिया ने फेसबुक पर वीडियो लोड कर रखा था। इसमें वह कह रही है कि उसके प्रसंशक बढ़ गए हैं। सारे दोस्त उसका सहयोग कर रहे हैं। हरियाणा के कई कलाकर उसे धमकी दे रहे हैं कि फेसबुक से वीडियो डिलिट कर दे।

ये वे कलाकर हैं दुनिया के सामने कुछ और असल में कुछ और हैं। उसने न ही किसी को निजी तौर पर गाली दी है। जो कलाकर व व्यक्ति उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। वह उसका फोन नंबर भी फेसबुक पर डालेगी और उसका नाम भी बताएगी। उसकी पुलिस को शिकायत भी करेगी। वह वीडियो डिलिट नहीं करेगी। जाटनी मरने से नहीं डरती है। मां ने शेरनी पैदा कर रखी है। मारने वाले धमकी नहीं दिया करते। उसकी निजी तौर पर किसी से दुश्मनी नहीं है। वह धारा 302 लगवा देगी। इस पोस्ट से लगता है कि हर्षिता को पहले से ही अंदेशा था कि उसकी जान को खतरा है, लेकिन वह फिर भी खौफजदा नहीं थी। उसे खौफ होता तो वह पुलिस में शिकायत देने जाती या फिर अन्य कलाकारों की तरह निजी सिक्योरिटी गार्ड रखती। यही बेबाक बोल और बेखौफ अंदाज ही हर्षिता की मौत की वजह का कारण भी बना। अगर वह सुरक्षा को लेकर चौकस रहती तो शायद उसकी जान न जाती। हर्षिता जीते जी किसी पर धारा 302 दो नहीं लगवा पाई, लेकिन उसकी हत्या के बाद पुलिस ने यह धारा अज्ञात खिलाफ लगा दी है।

डेढ़ घंटे पहले चौपाल में 36 बिरादरी के भाईचारे का भाषण दिया, फेसबुक पर वीडियो डाला, फिर मारी गई
हर्षिता दहिया ने चमराड़ा की चौपाल में युवा जागृति युवा किसान जागृति मिशन के कार्यक्रम में युवाओं का आह्वान किया कि 36 बिरादरी के भाईचारे को कायम रखे। उन्होंने किसी की दुर्दशा पर कहा कि किसान परेशान हैं। उसे फसलों के सही दाम नहीं मिल रहे हैं। इस भाषण की वीडियो उसने फेसबुक पर डाल दी। पोस्ट पर 76 कमेंट भी किए गए और 28 लोगों ने शेयर भी किया। इसके डेढ़ घंटे बाद ही हर्षित का कत्ल कर डाला। बता दें कि चमराड़ा में कई साल पहले तिहरा दो सगे भाइयों व एक युवक का रजिंश में हत्याकांड हुआ था। इस तिहरे हत्याकांड के बाद यहां पर पुलिस की अस्थाई चौकी भी रही थी। अब फिर से हर्षिता की हत्या से गांव सुर्खियों में है।

गांव में घूम कर रहे थे रेकी

गुमड़ के संदीप उर्फ शैंडी पहल ने हर्षिता के साथ फोटो डाला था कि वे 17 अक्टूबर को 36 बिरादरी के भाईचारे के लिए चमराड़ा (इसराना) सुबह 11 बजे संपी भारती के साथ आ रहे हैं। इसी पोस्ट से जानकारी लेकर ही बदमाशों ने मंगलवार को चमराड़ा गांव में रेकी की। ग्रामीणों ने बताया कि काले रंग की फोर्ड फिगो कार गांव में घूम रही थी। उन्हें आभास नहीं था कि इस कार में बैठे युवक हर्षिता की हत्या की साजिश रच रहे हैं। कार में सवार बदमाश पहले ही है तैयार थे कि वे पुगथला रोड पर वारदात को अंजाम देंगे। ऐसा उन्हें कर भी डाला।

हर्षिता के चेहरे पर नहीं था खौफ

सांसद राजकुमार सैनी की 26 नवंबर की जींद में होने वाली रैली का विरोध कर रहे हिसार के बुड़ाना गांव निवासी संदीप भारती ने बताया कि वह पहले से हर्षिता दहिया को नहीं जानता था। दो दिन पहले उसने फेसबुक पर हर्षिता की वीडियो देखी। वह 36 बिरादरी के भाईचारे और उसके समर्थन की बात कह रही थी। हर्षिता चमराड़ा में उसे 12:30 बजे चौपाल में मिली थी। एक घंटा भाषण भी हुआ। फिर सरपंच के घर खाना खाते हुए भी हर्षिता ने उससे बात की। तब हर्षिता जहन व चेहरे पर खौफ नहीं दिखाई दिया। न ही उसने जान के खतरे की बात कही। सरपंच के घर से हर्षिता, दो युवकों व एक युवती के साथ कार से चली गई। वह अपने साथियों के साथ गाड़ी से जाटल कार्यक्रम में जा रहा था। तभी उसे हर्षिता की सूचना मिली। वह मौके पर गया। वहीं इस बारे में चमराड़ा की सरपंच के पति जितेंद्र का कहना है कि वह हर्षिता को पहले से नहीं जानता था। पुलिस हर्षिता के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करे।

फेसबुक पर धमकी देने वालों को नहीं पहचाना

डीएसपी क्राइम देशराज ने बताया कि हर्षिता को फेसबुक पर जिस युवक ने धमकी दी है कि उसकी तस्वीर संदीप, निशा व प्रदीप को दिखाई है। तीनों ने बताया कि ये वह युवक नहीं है जिसने हर्षिता की हत्या की है। हर्षिता का मोबाइल फोन बंद था। इस फोन को चालू करके पता लगाया जाएगा कि उसके फोन पर अंतिम कॉल किसने की थी। इसके अलावा वारदात स्थल के आसपास क्षेत्र में मोबाइल फोन की कॉल डिटेल भी खंगाली जाएगी। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हर्षिता की हत्या हरियाणा फिल्म इंडस्ट्री के किसी कलाकार या पारिवारिक रंजिश की वजह से तो नहीं हुई है। या फिर उसके बेखौफ बोल की वजह से उसे किसी ने मार डाला हो। हर्षिता के परिजनों से भी हत्या की वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

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